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Wednesday, March 27, 2024

Raabta Sargam piano,violin,flute,guitar,Notes Arijit Singh

 Raabta Sargam piano,violin,flute,guitar,Notes Arijit Singh


original scale – C

Song – Raabta

Movie: Agent Vinod

Singer: Hamsika, Arijit Singh, Joi

Music Director: Pritam

Lyrics: Amitabh Bhattachrya

Year – 2013


स्टार्टिंग टोन  –

प नि सां नि / प नि सां नि / गं गं रें रें सां सां नि नि सां – ….(2)


ध सां रें सां / प सां रें सां / सां सां नि नि ध ध प प ध ध नि नि सां सां रें


स्थाई –

कहते हैं / ख़ुदा ने / इस


प नि सां – / नि सां नि / रें सां


जहां में / सभी के / लिए


ध नि सां – / नि सां नि / रें सां


किसी ना / किसी को / है


ध नि सां – / नि सां नि / रें 


बनाया  / हर / किसी के / लिए


सां ध नि / सां  / नि सां नि  / रें सां –


तेरा  / मिलना है / उससे


ध सां  / रें सां रें सां  / गं रें


रब का इशारा मानो …… 


मुझको / बनाया / तेरे / जैसे ही / किसी के / लिए


रें सां सां / नि नि ध / ध प / प ध नि / सां सां रें / रें गं


कुछ तो है / तुझ से / राब्ता


गं रें गं रें / गं रें गं पं / पं – – माँ गं रें रें सां –


कुछ तो है तुझ से राब्ता


सां नि सां नि / सां नि सां / गं गं ध – प ध –


कैसे हम जाने, हमें क्या पता


कुछ तो है तुझ से राब्ता……


तू हमसफ़र  / है


ध माँ गं रें –  / रें गं –


फिर क्या फ़िकर है ….


जीने की वजह ही यही है……मुझको बनाया तेरे जैसा ही


मरना इसी के लिए..


कहते हैं:


खुदा ने इस जहां में


सभी के लिए किसी ना किसी को है बनाया


हर किसी के लिए…


अंतरा – 1


हम्म / मेहर / बानी / जाते- / जाते


सां – / नि नि सां  / रें सां सां / नि सां / रें सां सां 


मुझसे / कर गया


सां सां नि  – / ध – प प – 


गुज़ारता सा / लम्हा एक


निनि सां रें सां सां – – / निनि सां रें सां सां – –


दमन / भर गया


सां सां नि / ध प ध प ध –


तेरा / नाज़ा / रा मिला,


ध नि  / सां माँ – – /  रें गं रेंगं –


रोशन / सीता / रा मिला


ध नि / सां रें – –  / गं रें रें रें –


तक़दीर की / कश्तियाँ / को / किनारा / मिला


ध नि सां निसां / सां नि रें – / सांनि ध / ध म ध – निध / प प    


सदियों से तरसे हैं, जैसी ज़िन्दगी के लिए


तेरी सोहबत में दुआएं हैं उसी के लिए


तेरा मिलना है…


फैली थी सियाह रातें, आया तू सुबह ले के


खामखां सी ज़िन्दगी में, जीने की वजह ले के


खोया था समन्दरों में, तन्हाँ सफीना मेरा


साहिलों पे आया है, तू जाने किस तरह ले के


कुछ तो है तुझसे राबता, कुछ तो है तुझसे राबता


कैसे हम जाने हमें क्या पता


कुछ तो है तुझसे राबता


अब क्या है कहना, हमको है रहना


जन्नतें भुला के तेरी बाहों में पनाह ले के


फैली थी सियाह…


मेहरबानी जाते-जाते मुझपे कर गया


गुज़रता सा लम्हां एक दामन भर गया


तेरे नज़ारा मिला, रोशन सितारा मिला


तकदीर का जैसे कोई इशारा मिला


रूठी हुई ख्वाहिशों में, थोड़ी सी सुलह ले के


आया तू खामोशियों में, बातों कि जिरह ले के


खोया था समुन्दरों में, तन्हाँ सफीना मेरा


साहिलों पे आया है, तू जाने किस तरह हाँ ले के


कुछ तो है तुझसे राबता…

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